
होली 2026 को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जश्न में जाम उठेगा या पार्टी सूखी रहेगी? नोएडा आबकारी विभाग ने 4 मार्च 2026 के लिए साफ कर दिया है कि शराब सिर्फ उन्हीं पार्टियों में परोसी जाएगी जिनके पास वैध लाइसेंस होगा।
होटल, बैंक्वेट हॉल, फार्महाउस या क्लब अगर होली पार्टी में शराब सर्व करना चाहते हैं, तो उन्हें अस्थायी बार लाइसेंस यानी FL-11 के लिए आवेदन करना होगा। बिना लाइसेंस परोसी गई शराब सीधे कानून का उल्लंघन मानी जाएगी।
खुली शराब पर पूरी रोक
एडवाइजरी में खासतौर पर चेतावनी दी गई है कि उत्तर प्रदेश में खुली या पाउच वाली शराब की बिक्री और सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित है।अधिकारियों का कहना है कि ऐसी शराब में मिलावट या जहरीले तत्व होने का खतरा रहता है। त्योहार की खुशी अस्पताल के बेड पर खत्म न हो, इसलिए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
कंट्रोल रूम और सख्त निगरानी
त्योहार के दौरान अवैध बिक्री रोकने के लिए आबकारी विभाग कंट्रोल रूम स्थापित करेगा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
यदि किसी को बिना लाइसेंस शराब की बिक्री या परोसने की सूचना मिले, तो तुरंत उत्पाद शुल्क विभाग को सूचित करने की अपील की गई है।

होली पर रंगों की बारिश होनी चाहिए, चालान की नहीं। इस बार संदेश साफ है डांस फ्लोर पर झूमिए, लेकिन नियमों की लाइन क्रॉस मत कीजिए। जश्न में जिम्मेदारी का रंग भी घोल दीजिए, तभी त्योहार की तस्वीर पूरी बनेगी।
आपके लिए क्या मतलब?
अगर आप पार्टी ऑर्गनाइजर हैं, तो लाइसेंस लेना अनिवार्य। अगर मेहमान हैं, तो खुले में बिक रही शराब से दूर रहें। सुरक्षा और कानून व्यवस्था को प्राथमिकता दें।
होली का मजा तभी है जब अगले दिन यादें बचें, पछतावा नहीं। इस होली रंग उड़ेंगे, लेकिन कानून की रेखा भी साफ दिखेगी। जश्न मनाइए, पर नियमों की इज्जत के साथ।
